इस साल 25 मई से 2 जून तक नौतपा, जानिए क्यों इस समय पड़ती है भयानक गर्मी
19 May, 2026
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इस साल 25 मई से 2 जून तक नौतपा, जानिए क्यों इस समय पड़ती है भयानक गर्मी
हर साल गर्मियों के मौसम में एक ऐसा समय आता है जब गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। इस अवधि को भारतीय परंपरा और ज्योतिष में “नौतपा” कहा जाता है। वर्ष 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। इन नौ दिनों के दौरान तापमान में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलती है और कई राज्यों में लू जैसी स्थिति बन जाती है। लोग अक्सर सवाल करते हैं कि आखिर नौतपा के दौरान इतनी भयानक गर्मी क्यों पड़ती है और इसका वैज्ञानिक तथा पारंपरिक महत्व क्या है।
क्या होता है नौतपा?
नौतपा का अर्थ है “नौ दिनों की तपिश”। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत मानी जाती है। इस दौरान सूर्य की किरणें धरती पर सीधी और अधिक प्रभावशाली मानी जाती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।
मान्यता है कि यदि नौतपा के नौ दिन अच्छी तरह तपते हैं, तो आने वाला मानसून बेहतर होता है और बारिश अच्छी होती है। किसान भी इस समय को काफी महत्वपूर्ण मानते हैं क्योंकि इसका असर खेती और मौसम चक्र पर पड़ता है।
वैज्ञानिक कारण क्या है?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत में सूर्य उत्तरी गोलार्ध के काफी करीब होता है। इस समय भारत के अधिकांश हिस्सों में सूर्य की किरणें लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे धरती तेजी से गर्म होती है।
इसके अलावा इस दौरान:
- हवा में नमी कम होती है
- बादल बहुत कम बनते हैं
- जमीन लगातार गर्म होती रहती है
- गर्म और शुष्क हवाएं चलती हैं
इन्हीं कारणों से उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच जाता है।
नौतपा का मौसम पर असर
नौतपा केवल गर्मी बढ़ाने वाला समय नहीं है, बल्कि इसका संबंध मानसून की तैयारी से भी माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब धरती अधिक गर्म होती है, तो कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यही कम दबाव बाद में समुद्र से नमी वाली हवाओं को भारत की ओर खींचता है, जिससे मानसून सक्रिय होता है।
इसलिए कई मौसम वैज्ञानिक मानते हैं कि नौतपा की तेज गर्मी मानसून के लिए जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि इस दौरान बारिश हो जाए या तापमान कम रहे, तो मानसून कमजोर पड़ने की आशंका भी जताई जाती है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर?
नौतपा का प्रभाव विशेष रूप से इन राज्यों में अधिक देखने को मिलता है:
- राजस्थान
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- बिहार
- हरियाणा
- पंजाब
- गुजरात
इन क्षेत्रों में दिन के समय सड़कें तपने लगती हैं और लू चलने लगती है। कई शहरों में गर्म हवाएं लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डालती हैं।
स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
नौतपा के दौरान बढ़ती गर्मी शरीर को जल्दी प्रभावित कर सकती है। डॉक्टरों के अनुसार इस समय हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
विशेषज्ञ इस दौरान कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं:
- दोपहर में बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- ज्यादा तला-भुना भोजन न खाएं
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और फलों का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है।
भारतीय परंपरा में नौतपा का महत्व
भारतीय संस्कृति में नौतपा को केवल मौसम की घटना नहीं माना जाता, बल्कि इसे प्रकृति के संतुलन से भी जोड़ा जाता है। पुराने समय में लोग मानते थे कि जितनी अधिक गर्मी पड़ेगी, उतनी ही अच्छी बारिश होगी और खेती भी बेहतर होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी किसान नौतपा के दिनों को ध्यान से देखते हैं। कई लोग इन दिनों विशेष पूजा-पाठ और सूर्य देव की आराधना भी करते हैं।
क्या इस बार और बढ़ेगी गर्मी?
मौसम विभाग के अनुसार इस साल भी कई राज्यों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा सकता है। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के कारण गर्मी का असर पहले की तुलना में अधिक महसूस किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में हीटवेव की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।
निष्कर्ष
25 मई से 2 जून तक रहने वाला नौतपा हर साल की तरह इस बार भी लोगों को तेज गर्मी का एहसास कराएगा। हालांकि यह समय कठिन जरूर होता है, लेकिन इसका संबंध मानसून और प्रकृति के संतुलन से भी जुड़ा माना जाता है। वैज्ञानिक और पारंपरिक दोनों दृष्टिकोणों से नौतपा का अपना महत्व है।
ऐसे में जरूरी है कि लोग इस दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखें, पर्याप्त पानी पिएं और तेज धूप से बचें। गर्मी चाहे कितनी भी बढ़ जाए, नौतपा के बाद मानसून की राहत भरी बारिश लोगों को सुकून जरूर देती है।
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