महर्षि वाल्मीकि जयंती: पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त

महर्षि वाल्मीकि का जीवन एक अद्भुत परिवर्तन की कहानी है। एक समय वे रत्नाकर नाम के डाकू थे, लेकिन देवर्षि नारद के मार्गदर्शन और राम नाम के जाप से उन्होंने अपना जीवन पूरी तरह बदल दिया। उनकी तपस्या इतनी गहन थी कि उनके शरीर पर वल्मीक (दीमक की बांबी) बन गई, जिसके कारण वे वाल्मीकि कहलाए।

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