Jewellery Stocks Fall: पहले गोल्ड पर पीएम की अपील... फिर बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी, तीन दिन से ये 4 शेयर बेहाल
13 May, 2026
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Jewellery Stocks Fall: पहले गोल्ड पर पीएम की अपील... फिर बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी, तीन दिन से ये 4 शेयर बेहाल
सोने की बढ़ती कीमतों और सरकार की नई नीतियों का असर अब सीधे ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर दिखाई देने लगा है। पिछले तीन कारोबारी दिनों में देश की कई बड़ी ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसकी बड़ी वजह प्रधानमंत्री की गोल्ड इंपोर्ट कम करने की अपील और उसके बाद सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाना माना जा रहा है। निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है कि आने वाले समय में ज्वेलरी सेक्टर की बिक्री और मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ताओं में शामिल है। हर साल बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से आयात किया जाता है। इससे देश का ट्रेड डेफिसिट बढ़ता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। इसी को देखते हुए सरकार लंबे समय से गोल्ड इंपोर्ट को कम करने की रणनीति बना रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेशी उत्पादों और गोल्ड पर अधिक खर्च कम करने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी कर दी, जिससे बाजार में हलचल मच गई।
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर ज्वेलरी कंपनियों की लागत पर पड़ता है। कंपनियों को सोना महंगा खरीदना पड़ता है, जिससे उनके प्रॉफिट मार्जिन प्रभावित होते हैं। यही वजह है कि निवेशकों ने ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी। खासकर वे कंपनियां जो बड़े स्तर पर गोल्ड ज्वेलरी बिजनेस में सक्रिय हैं, उनके शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
पिछले तीन दिनों में जिन चार प्रमुख शेयरों में गिरावट देखने को मिली, उनमें सबसे ज्यादा चर्चा Titan Company, Kalyan Jewellers, Senco Gold और PC Jeweller की रही। इन कंपनियों के शेयरों में लगातार कमजोरी दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फिलहाल ज्वेलरी सेक्टर में सावधानी बरत रहे हैं क्योंकि गोल्ड की ऊंची कीमतें मांग को प्रभावित कर सकती हैं।
क्यों गिर रहे हैं ज्वेलरी शेयर?
ज्वेलरी उद्योग पूरी तरह गोल्ड की कीमतों और उपभोक्ता मांग पर निर्भर करता है। जब सोना महंगा होता है, तब आम ग्राहक खरीदारी टाल देते हैं। शादी और त्योहारों के सीजन में भी ग्राहक हल्के वजन वाले गहनों की ओर रुख करने लगते हैं। इससे कंपनियों की बिक्री प्रभावित होती है।
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद बाजार में यह डर भी बढ़ा है कि गोल्ड की घरेलू कीमतों में और तेजी आ सकती है। यदि ऐसा होता है, तो ज्वेलरी कंपनियों के लिए बिक्री बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, कुछ निवेशकों को यह भी चिंता है कि सरकार भविष्य में गोल्ड पर और सख्त कदम उठा सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
शेयर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वेलरी सेक्टर में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बड़ी और भरोसेमंद कंपनियां अब भी मजबूत मानी जा रही हैं। भारत में शादी-ब्याह और पारंपरिक निवेश के रूप में सोने की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती। इसलिए यह सेक्टर लंबे समय में फिर से रिकवरी कर सकता है।
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि जिन कंपनियों का बिजनेस केवल गोल्ड ज्वेलरी तक सीमित नहीं है और जो डायमंड, सिल्वर या लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स में भी मौजूद हैं, वे बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, टाइटन जैसी कंपनियों के पास विविध पोर्टफोलियो है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
क्या सोने की कीमतें और बढ़ेंगी?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव के कारण सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में गोल्ड को प्राथमिकता देते हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में सोना और महंगा हो सकता है।
भारत में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद घरेलू कीमतों में अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। इससे ज्वेलरी सेक्टर को अल्पकालिक नुकसान हो सकता है, लेकिन गोल्ड निवेश से जुड़ी कंपनियों और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों को फायदा भी मिल सकता है।
आगे क्या?
बाजार की नजर अब आने वाले त्योहारों और वेडिंग सीजन पर टिकी हुई है। यदि मांग कमजोर रहती है, तो ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में दबाव जारी रह सकता है। वहीं, अगर ग्राहक खरीदारी जारी रखते हैं और कंपनियां बेहतर बिक्री आंकड़े पेश करती हैं, तो शेयरों में रिकवरी भी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल इतना तय है कि प्रधानमंत्री की अपील और सरकार की इंपोर्ट ड्यूटी नीति ने ज्वेलरी सेक्टर में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में निवेशकों को गोल्ड की कीमतों, सरकारी नीतियों और बाजार की मांग पर करीबी नजर रखनी होगी।
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