नालंदा: भारत का खोया हुआ ज्ञान मंदिर

यह कहानी मेरी दादी माँ ने मुझे सुनाई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि नालंदा विश्वविद्यालय कभी भारत का सबसे बड़ा ज्ञान का केंद्र था। वहाँ लाखों किताबें थीं, दुनिया भर से छात्र पढ़ने आते थे। लेकिन 1193 ईस्वी में बख्तियार खिलजी ने इसे जला दिया — किताबें तीन महीने तक जलती रहीं। दादी माँ कहती हैं कि अगर नालंदा आज होता, तो भारत शिक्षा में दुनिया का नेता होता। ये सिर्फ एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि हमारी खोई हुई विरासत थी।

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