काम की शिक्षा

काम की शिक्षा जमीन से जुड़ने पर मिलती है . अपने भावों को निर्मल करने से मिलती है . कहाँ खो गए वे दिन जब हम कई कीलोमीटर दूर स्थित स्कूल में पैदल ही अपनी मस्ती में चलकर पढ़ने जाते थे . मतलब यदि मेरा सपना कलेक्टर बनने का था और मै मेरी खुद की गलतियों के कारण यदि कलेक्टर नहीं बन पाया तो अब मै मेरे बच्चे को रोज कलेक्टर बनने के इंजेक्शन की हाई डोज दे रहा हूँ .

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