प्रश्न 1 : शरीर में प्राण कहाँ रहते है ?. प्रश्न 2 : प्राण कितने प्रकार का होता है ?., प्रश्न 3 : दृश्य प्राण किसे कहते है ?. प्रश्न 4 : अदृश्य प्राण किसे कहते है ?.
प्रश्नौत्तरी
आज का विषय है प्रश्नौत्तरी
प्रश्न 1 : शरीर में प्राण कहाँ रहते है ?
उत्तर : शरीर के एक एक सेल में कम या ज्यादा मात्रा में प्राण कई रूपों में विध्यमान रहता है .
प्रश्न 2 : प्राण कितने प्रकार का होता है ?
उत्तर : मुख्य रूप से प्राण दो प्रकार का होता है :
- दृश्य प्राण
- अदृश्य प्राण
प्रश्न 3 : दृश्य प्राण किसे कहते है ?
उत्तर : जिस प्राण को हमारी इन्द्रियाँ आसानी से महसूस कर के शब्दों के माध्यम से व्यक्त कर सकती है . जैसे एक जीवित इंसान , जीवित अन्य जीव . वे जब चलते है , श्वास लेते है , देखते है , भोजन करते है . क्यों किसी चलते हुए व्यक्ति को हम देखकर यह कह सकते है की यह व्यक्ति जिन्दा है .ये सभी क्रियाये दृश्य प्राण का हमे अहसास कराती है .
प्रश्न 4 : अदृश्य प्राण किसे कहते है ?
उत्तर : जिस प्राण को हम सामान्य इन्द्रियों से महसूस करके शब्दों के माध्यम से व्यक्त नहीं कर सकते है . जैसे एक पत्थर का अस्तित्व भी प्राण के कारण ही सुरक्षित रहता है . जैसे कुर्सी में , गिलास में . जैसे हवा को हम देख नहीं सकते है . पर हवा का हमे अदृश्य प्राण के कारण ही अहसास होता है . पर हम इस अहसास को लिख नहीं सकते है .
हवा में , कमरे के खुले क्षेत्र में आदि में भी अदृश्य प्राण ही होते है .
प्रश्न 5 : दो व्यक्ति ज्ञान की बाते करते है फिर भी लड़ते क्यों है ?
उत्तर : क्यों की अभी वे मायावी ज्ञान की बाते ही करते है . अभी इन दोनों व्येक्तियों ने उस प्राण को महसूस नहीं किया है जो इन दोनों के शरीरों में लगातार साझे में बह रहा है . जैसे हम सभी श्वास साझे में ही लेते है . औऱ श्वास के माध्यम से हम प्राणों को भीतर औऱ बाहर ग्रहण करते है .
प्रश्न 6 : भोग का सुख स्थिर क्यों नहीं रहता है ?
उत्तर : भोग का सुख ही नहीं कोई भी चीज स्थिर नहीं रहती है . क्यों की भोग एक माया है . प्राण की छाया है . भोग भगवान् की छाया है . सुख भी एक अहसास ही होता है जैसे आग से तपन का अहसास होता है .
प्रश्न 7 : जब एक बच्चा बीमार हो जाता है तो बहुत दूर स्थित उसकी माँ को कैसे अहसास हो जाता है ?
उत्तर : सर्वव्यापी मन के कारण . अर्थात हमारा मन पूरे ब्रह्माण्ड में व्याप्त है .
प्रश्न 8 : किसी को उसके भले के लिए समझाते है तो उसको क्रोध क्यों आता है ?
उत्तर : ऐसा सब के साथ नहीं होता है . जो अभी ऐसी चेतना में जी रहा है जिसे खुद को पता ही नहीं है की उसका भला बुरा किसमें है . उसका मन ऐसी निम्न चेतना में जीने का आदि हो चूका है . अब यदि ऐसा इंसान किसी की सही बात को मान लेता है तो इसका मतलब इसकी यह वर्तमान चेतना प्रभु की तरफ बढ़ने वाली चेतना में रूपांतरित होने लगती है . अर्थात वर्तमान चेतना मरने लगती है . औऱ मरना कोई नहीं चाहता है .
प्रश्न 9 : हम आदत को क्यों नहीं बदल पाते है ?
उत्तर : विष्णु शक्ति के कारण . विष्णु शक्ति हर प्रकार की आदत का पालन पोषण करती है .
प्रश्न 10 : कई इंसान अपनी बुरी आदतों को कैसे छोड़ देते है ?
उत्तर : निरंतर स्वरुप दर्शन के अभ्यास के कारण . अर्थात वे निरंतर ठोकर खाते खाते बुरी आदतों की व्यर्थता को वास्तविक रूप में महसूस कर लेते है .
इस प्रकार आज हमने प्रश्नौत्तरी के माध्यम से कुछ प्रश्नों पर चर्चा की है . प्रश्नौत्तरी जैसे विषय आगे भी लेकर आते रहेंगे .
धन्यवाद जी . मंगल हो जी .
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