प्रश्न 1 : क्या कलयुग में बच्चे माता पिता का कहना नहीं मानते है ?. प्रश्न 2 : बच्चों को आज कलयुग में समझाना कठीन क्यों हो रहा है ?. प्रश्न 3 : बच्चों की याददास्त कैसे बढाए ?. प्रश्न 4 : आज का युवा सबकुछ जल्दी से क्यों पाना चाहता है ?
कलयुग के प्रश्न
आज का विषय है : कलयुग के प्रश्न
प्रश्न 1 : क्या कलयुग में बच्चे माता पिता का कहना नहीं मानते है ?
उत्तर : ऐसा सब बच्चों के साथ नहीं होता है . जिन बच्चों को माता पिता से सही संस्कार नहीं मिले है , या जो बच्चे पूर्व जन्म से ही अभी यादों में जी रहे है . और उनकी यादे अहिंसा के मार्ग की नहीं है . अर्थात जो बच्चे इस जन्म में या इससे पहले के जन्मों में अपने मन को इस प्रकार से रचे है की उनका मन ऐसे बच्चों को यह विश्वास दिलाता है की मै जो कह रहा हूँ वही सही है . माता पिता का कहना ठीक नहीं है . जब ऐसे बच्चे का मन उसकी आत्मा को यह विश्वास दिलाने में कामयाब हो जाता है की माता पिता का ध्यान रखना उनकी जिम्मेदारी नहीं है . तो फिर ऐसे बच्चों को जब कोई भी सज्जन व्यक्ति माता पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए कहते है तो ऐसे बच्चों को उनकी यह ज्ञान की बाते बहुत बुरी लगती है .
प्रश्न 2 : बच्चों को आज कलयुग में समझाना कठीन क्यों हो रहा है ?
उत्तर : यह समय का प्रकोप है . और वैसे भी हम कुछ नहीं कर रहे है . संसार का सारा खेल परमात्मा से उनकी योजना के तहत पहले से निर्धारित है . और कलयुग नाम इसी योजना का हिस्सा है . अर्थात हमारा जीवन एक चक्र के रूप में विकसित हो रहा है . और इसी जीवन चक्र में आज वर्तमान समय कलयुग के नाम से पहले ही भगवान् ने महान विभूतियों के माध्यम से शास्त्रों में लिख दिया है . इसलिए आज का बच्चा समय , दूरी और द्रव्यमान में ज्यादा विश्वास करता है . अर्थात कलयुग में जो दिख रहा है उसको ही ज्यादा सच मान रहे है .
प्रश्न 3 : बच्चों की याददास्त कैसे बढाए ?
उत्तर : बच्चों की याददास्त बढ़ाने का सबसे सरल और सबसे अच्छा तरीका उनको प्रकृति से जोड़ना है . क्यों की बच्चों की इन्द्रियों को जब उनका प्राकृतिक भोजन नहीं मिलेगा तो फिर बच्चों की यही इन्द्रियाँ अप्राकृतिक रूप से विकसित होने लगती है .
जैसे बच्चे पानी पीते है पर उनको अभी इसका वास्तविक ज्ञान ही नहीं है की पानी कैसे पीना चाहिए और हम पानी क्यों पीते है ?.
इसलिए बच्चे जब स्वरुप दर्शन क्रिया का अभ्यास करते है तो उनका मन प्रकृति से जुड़ने के लिए धीरे धीरे राजी होता है .
प्रश्न 4 : आज का युवा सबकुछ जल्दी से क्यों पाना चाहता है ?
उत्तर : क्यों की आज का युग कलयुग का युग है . इसमें समय, दूरी और द्रव्यमान का प्रभाव बहुत ज्यादा है . अर्थात कलयुग में माया का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है . माया का मतलब वास्तविकता से दूरी . अर्थात परमात्मा से दूरी . माया परमात्मा की छाया है . अभी इस युग में प्रभु खुद अपना ऐसा रूप धारण किये हुए की ऐसा लगता है की जो हम आँखों से देख रहे है वही सच प्रतीत होता है . पर वास्तविक सत्य तो यह है की केवल परमात्मा का ही अस्तित्व है . इसलिए कलयुग के प्रभाव से बचने का एक मात्र तरीका भगवान् से प्रेम सम्बन्ध को पहचानने का निरंतर अभ्यास करना . और इसके लिए सबसे सरल विधि स्वरुप दर्शन क्रिया का अभ्यास करना है .
इस प्रकार आज हमने ‘ कलयुग के प्रश्न ‘ विषय पर चर्चा की है . धीरे धीरे आगे कलयुग से सम्बंधित अनेक प्रश्नों पर गहराई से प्रकाश डालेंगे .
धन्यवाद जी . मंगल हो जी .
Comments (0)
Login to comment.
Share this post: