अगर पैसे की बरसात नहीं हो जाए तो मुझे फ़ोन कर देना

मेरे भाई आप के छोटे भाई मुकेश के कहने पर एक सादगी का जीवन शुरू तो करो . फिर देखो कैसे आप के आँगन में पैसो की बारिश होने लगेगी .

अगर पैसे की बरसात नहीं हो जाए तो मुझे फ़ोन कर देना

मेरे दोस्त आज आप के लिए आप का छोटा भाई मुकेश हमारे प्रभु का वह राज बताने जा रहा है जिसे मेरी प्यारी बहिने और भाई यदि समझ जाए तो फिर आप के जीवन में यदि हर रोज पैसे की बरसात नहीं होने लगे तो आप मुझे फ़ोन करके बिना झिझक के कह देना की मुकेश तू झूठ बोलता है .

मेरे भाई यदि आप अभी इस लेख को पढ़ रहे है तो पहले अकेले में आ जाए .

क्यों की मेरे लेख बिना एकाग्रता के अच्छे से समझ में नहीं आने वाले है .

यदि कोई दुनिया में यह कह रहा है की मुझे सब पता है . तो भाई मेरी बात मान लेना वह आदमी हो या औरत झूठ बोल रहा है .

क्यों की यहां संसार में हम किसी को सब कुछ नहीं आता है .

अभी हमे यही पता नहीं है की हम जो कुछ भी बोल रहे है वह कैसे बोल पा रहे है .

अब आप कहेंगे की मै तो मेरे मुँह से बोल रहा हूँ .

ऐसा केवल आप को वहम है . अब आप इसे इस प्रकार से मानेंगे :

जब आप किसी को क्रोध में आकर उल्टा पुल्टा बोल देते है और उसके बाद आप का दिमाग दिनभर खराब रहता है तो आप याद करो की पूरे दिन में कई बार आप यह सोचते है की मै नहीं बोलता तो ही ज्यादा ठीक रहता .

बताओं सोचते हो या नहीं ?

और जब आप यह कह रहे होते हो की मै पैसे की परवाह नहीं करता हूँ . और कहते हो की पैसा तो हाथ का मैल है .

तब उसी समय यदि कोई व्यक्ति आप को अपना बकाया चुकाने आता है और कुछ पैसे कम देने की आप के सामने अर्जी लगाता है तो क्या आप उसको निम्न बाते नहीं कहते है ?:

  • यदि मै आप को पैसा नहीं देता तो मै अमुक प्लाट खरीद लेता और मुझे एक लाख का प्रॉफिट मिलता
  • आप मेरे पैसे बहुत समय बाद दे रहे हो इसलिए मुझे ब्याज पूरा चाहिए
  • आप को पैसे देकर मेने बहुत बड़ी गलती कर दी
  • भाई मुझे मेरा पूरा पैसा चाहिए

ऐसे और भी अनेक प्रकार के डायलॉग आप उसे सुनाते है .

क्या आप ने कभी गौर किया है की आप क्या बोल रहे है और क्या समझ रहे है ?

जब आप स्वरुप दर्शन क्रिया का अभ्यास करेंगे तो आप को पता चलने लगेगा की आप से सबकुछ करवाया जा रहा है .

अर्थात क्रोध आप जानबूझकर नहीं करते है .

इस दुनिया में ऐसा कौन इंसान है जो सड़क चलते आफत मोल लेगा ?

पर फिर भी जब किसी आफत को आना है तो वह घर बैठे भी आ जायेगी .

अर्थात आप ने जो अब तक भीतर से महसूस किया है वही आप को बाहर दृश्य रूप में मिला है .

और आप प्रकृति के नियमों से बंधे हुए है .

इसलिए जैसे आप के कर्म होते है प्रकृति वैसे ही आप को परिणाम देती है .

अब आप अपने कर्मो को सही केवल प्रभु से जुड़कर ही कर सकते हो .

क्यों की जब आप स्वरुप दर्शन क्रिया का अभ्यास करते है तो आप धीरे धीरे सत्य से जुड़ने लगते है .

इस वजह से आप के शरीर के अंग सत्य होने लगते है .

मतलब अब आप की

  • जीभ सच बोलने लगती है
  • कान सच सुनने लगते है
  • आँखे सच देखने लगती है


इसका मतलब यह होता है की जब आप का मन स्वरुप दर्शन क्रिया का अभ्यास करता है तो यह शांत होने लगता है . मन स्थिर होने लगता है .

और आप को यह अहसास भीतर से होने लगता है की जैसे मुझे पैसे चाहिए उसी प्रकार दुनिया में सभी को पैसे की आवश्यकता होती है .

इसलिए अब आप पहले अपना कर्जा चुकाने में ही खुद की भलाई समझते है .

अब आप मजदूर को उसका पसीना सूखने से पहले ही पैसे दे देते है .

अब आप एक सब्जी के ठेले पर जिस प्रकार एक बड़े शोरूम में मोल भाव नहीं करते है उसी प्रकार से सब्जी वाले का भी उतना ही सम्मान करते है . और उसे पूरे पैसे देते है .

अर्थात अब आप का दिल पवित्र होने लगता है . सभी जीवों के लिए आप के ह्रदय में प्रेम बरसने लगता है .

इसलिए हमारे प्यारे प्रभु आप से प्रसन्न होकर आप के लिए पैसे की बरसात करने लगते है .

जैसे यदि हम किसी माता या बहन की आत्मा को दुखाते है और वे हमसे टक्कर लेने में असमर्थ है तो खुद भगवान् उनके सारथी बनकर हमारे से टक्कर लेने आ जाते है .

और हम किसी बड़ी परेशानी में फस जाते है .

इसलिए मेरे भाई हमारा भला इसी बात में है की हम ज्यादा ऊंचा उड़ने के बजाय पहले माँ धरती पर तो ठीक से चलना सीख जाए .

मेरे भाई झूठे दिखावे में कुछ भी नहीं रखा है .

मेरे भाई आप के छोटे भाई मुकेश के कहने पर एक सादगी का जीवन शुरू तो करो . फिर देखो कैसे आप के आँगन में पैसो की बारिश होने लगेगी .

मेरे भाई यदि किसी को मेरा यह लेख समझ में नहीं आये तो मै और समझाने का प्रयास करूँगा .

मतलब यदि आप सच्ची मेहनत करके यदि महीने के दस लाख रूपये कमाते हो तो दो लाख रूपये खुद की जिंदगी को ऐश आराम से जीने में खर्च करने में कोई बुराई नहीं है .

पर यदि आप की कमाई दस हज़ार की है और खर्च आप बीस हज़ार कर रहे है और पैसे मांगने वाले आप को ढूंढ नहीं पा रहे है तो फिर मेरे भाई आप रास्ता भटक चुके हो .

क्यों की आप का इस तरह अपने ही भाई को पैसे के लिए चक्कर कटाना अच्छी बात नहीं है .

पर अब आप यह कहेंगे की मुझे भी तो लोग चक्कर कटा रहे है .

इसका जवाब मुकेश यह देता है की जो लोग आप को चक्कर कटा रहे है एक समय के बाद वे खुद अपने पैसे लेने के लिए लोगों के चक्कर काटेंगे .

और यदि आप पैसा देना चाहते है पर अभी आप के पास में नहीं है तो क्या करे ?

कुछ भी करने की जरुरत नहीं है . बस केवल परमात्मा की सौगंध खाके यह संकल्प करना चाहिए की जैसे ही मेरे पास पैसे आयेंगे तो मै सबसे पहले मेरा कर्जा चुकाऊंगा .

धन्यवाद जी . मंगल हो जी .