हनुमान जी की आरती और पूजन विधि: दूसरे बड़े मंगल पर ऐसे पाएं पूजा का पूरा फल

हनुमान जी की आरती और पूजन विधि: दूसरे बड़े मंगल पर ऐसे पाएं पूजा का पूरा फल

हिंदू धर्म में बड़े मंगल का विशेष महत्व माना जाता है। खासतौर पर ज्येष्ठ महीने में आने वाले बड़े मंगल के दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। दूसरे बड़े मंगल का दिन शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और हनुमान जी की आरती करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और हर प्रकार के भय एवं बाधाओं से राहत मिलती है।

दूसरे बड़े मंगल का महत्व

बड़े मंगल का संबंध भगवान हनुमान से माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से ग्रह दोष, शनि पीड़ा और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है। दूसरे बड़े मंगल पर भक्त मंदिरों में जाकर प्रसाद चढ़ाते हैं, सुंदरकांड का पाठ करते हैं और हनुमान चालीसा का जाप करते हैं।

यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियों या करियर में रुकावटों का सामना कर रहे हों। सच्चे मन से पूजा करने पर बजरंगबली अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।

हनुमान जी की पूजन सामग्री

दूसरे बड़े मंगल पर पूजा करने के लिए निम्न सामग्री तैयार रखें:

  • लाल या केसरिया वस्त्र
  • चमेली का तेल
  • सिंदूर
  • लाल फूल
  • तुलसी पत्ते
  • गुड़ और चने का प्रसाद
  • दीपक और धूपबत्ती
  • नारियल
  • हनुमान चालीसा और आरती की पुस्तक

इन सामग्रियों के साथ विधिपूर्वक पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होता है।

हनुमान जी की पूजन विधि

1. सुबह जल्दी स्नान करें

बड़े मंगल के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।

2. पूजा स्थान की सफाई करें

घर के मंदिर या पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

3. दीपक और धूप जलाएं

हनुमान जी के सामने घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। साथ ही धूपबत्ती अर्पित करें।

4. सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं

हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

5. फूल और प्रसाद अर्पित करें

लाल फूल, गुड़ और चने का भोग लगाएं। यदि संभव हो तो केले और बूंदी का प्रसाद भी चढ़ाएं।

6. मंत्र और पाठ करें

पूजा के दौरान “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें। इसके बाद हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।

हनुमान जी की आरती

आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। बड़े मंगल पर श्रद्धा के साथ हनुमान जी की आरती जरूर करें।

आरती की मुख्य पंक्तियां:

आरती कीजै हनुमान लला की,
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।

जाके बल से गिरिवर कांपे,
रोग दोष जाके निकट न झांके।

आरती करते समय कपूर या घी का दीपक जलाकर भगवान की परिक्रमा करें। इससे घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

बड़े मंगल पर क्या करें

  • हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन करें
  • जरूरतमंदों को भोजन और पानी का दान करें
  • बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं
  • सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करें
  • दिनभर सात्विक भोजन ग्रहण करें

बड़े मंगल पर क्या न करें

  • तामसिक भोजन और शराब का सेवन न करें
  • किसी का अपमान या झूठ न बोलें
  • क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें
  • पूजा के दौरान मन को भटकने न दें

पूजा से मिलने वाले लाभ

दूसरे बड़े मंगल पर विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को कई आध्यात्मिक और मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं:

पूजा का लाभ प्रभाव
मानसिक शांति तनाव और भय कम होता है
शनि दोष से राहत जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं
साहस और आत्मविश्वास कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है
आर्थिक उन्नति धन संबंधी परेशानियां कम होती हैं
स्वास्थ्य लाभ नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है

निष्कर्ष

दूसरे बड़े मंगल का दिन भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा, मंत्र जाप और आरती की जाए तो जीवन के कई संकट दूर हो सकते हैं। बजरंगबली अपने भक्तों को साहस, शक्ति और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसलिए इस बड़े मंगल पर पूरे विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करें और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुखमय बनाएं।