श्वास के माध्यम से मन का राजा बने

जिसने श्वास को साध लिया उसने सब कुछ साध लिया . श्वास जीवन है श्वास ही शरीर है श्वास ही मन है श्वास के माध्यम से ही हम प्राण शरीर के भीतर लेते है . जब हम बेहद तनाव में होते है तो हमारे मन की ऊर्जा चारो तरफ बिखरी हुयी होती है तब यदि हम थोड़ा प्रयास करके श्वास पर एकाग्र हो जाये तो मन तुरंत ही सभी जगहों से भागकर शरीर पर आने लगता है और हम धीरे धीरे आराम की स्थिति में पहुंचने लगते है .

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